Tuesday, June 16, 2020

शराबी बंदर ने 250 लोगों को काटा : अब हुई उम्रकैद की सजा


तीन साल पहले मिर्जापुर जिले में आतंक का दूसरा नाम बन चुके " कलुआ " को कानपुर प्राणि उद्यान में उम्रभर पिंजरे में रखा जाएगा क्योंकि तीन साल के सुधार की कोशिशों का इसके उपर कोई फर्क नहीं पड़ा।

कलुआ की दहशत आज भी मिर्जापुर के लोगों में है जहां कलुआ ने सैकड़ों लोगों को काटा और खदेड़ा था। कलुआ यूं ही नहीं खतरनाक बना बल्कि इसे हालात ने शराबी और गुंडा बना दिया, असल में ये एक तांत्रिक के पास था जो इसे मांस और शराब पिलाता था। तांत्रिक के मरने के बाद कलुआ आजाद हो गया और ये पास के शराब के ठेके पर से बेवडो की बोतल छिनकर उनको काट लेता था और फिर शराब के नशे में सबको काटता घूमता था।

इसके  आतंक को देखते हुए स्थानीय लोगों ने वन विभाग और ज़ू प्रशासन को उसे पकड़ने के लिए बुलाया। लोगों ने परेशान होकर इसकी कई जगह शिकायत की तब जाकर कानपुर से स्पेशल टीम आई और इसे पकड़कर ले गई। बड़ी मुश्किल से ‘मंकी कैचर्स’ ने उसे पकड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक चिड़ियाघर के एक चिकित्सक मोहम्मद नासिर ने कहा है कि यहां लाने के बाद उसे कुछ महीनों के लिए आइसोलेशन में रखा गया और फिर उसे एक अलग पिंजड़े में रखा गया। लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है और वो पहले की तरह अभी भी बेहद हिंसक है। 3 साल से वो यहां रह रहा है । इतने सालों में वो उन लोगों से भी नहीं घुलमिल सका है जो हर रोज उसे पिंजड़े में खाना देते हैं और उसका ख्याल रखते हैं। इसलिए हमने फैसला किया है कि उसे अब ताउम्र जेल में रखा जाएगा।

पिंजरे में भी कलुआ के छिछोरेपन पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वो पुरूषों को देखकर गुस्सा करता है तथा महिलाओं को रिझाने की कोशिश करता है। इसकी ऐसी हरकतों को देखकर इसे आजीवन पिंजरे में रखने का निर्णय लिया गया है। गैर न्यायिक प्रक्रिया से उम्रकैद की सजा पाने वाला पहला बानर है कलुआ।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts

Newsletter