Sunday, June 14, 2020

गुजरात में 5.5 तीव्रता के भूकंप से दहशत : 5 मिनट तक झटके महसूस होते रहे - जम्मू-कश्मीर में भी हिली धरती


अहमदाबाद. गुजरात में रविवार   को  रात 8 बजकर 12 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस  हुए । रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 थी। इसका  मुख्य केंद्र कच्छ के भचाऊ में था। सबसे ज्यादा असर भी कच्छ में ही देखा गया। ऐसे  भूकंप  के  झटके 19 साल पहले यानी 26 जनवरी 2001 को भी कच्छ के भुज में 7.7 की तीव्रता से भूकंप आया था। इसमें 13 हजार से ज्यादा लोगों की अपनी मौत  गवानी  पड़ी  थी।

कच्छ में 10 सेकंड धरती हिली

भूकंप के ऐसे झटके सबसे पहले गुजरात के कच्छ में 10 सेकंड तक महसूस हुए । इसके बाद सौराष्ट्र में रात 8:15 बजे 4.8 तीव्रता का आफ्टर शॉक आया। यह करीब 7 सेकंड तक महसूस किया गया। अहमदाबाद में 8:15 बजे 3.4 तीव्रता के झटके करीब 5 सेकंड तक महसूस किए गए।जम्मू  कश्मीर कटरा  में  भी ८  बजकर  ३५ मिनट   पर   3.0 की  तीव्रता  से  भूकंप  के  झटके  महसूस  किए गए  और आसपास के शहरों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए 

जामनगर, सुरेंद्रनगर और जूनागढ़ में भी झटके महसूस किए गए। कई शहरों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कच्छ, मोरबी, राजकोट में कई घरों में दरारे आई हैं। भूकंप आने के बाद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राजकोट, कच्छ और पाटन जिले के कलेक्टरों से फोन पर हालात की जानकारी ली। अमदाबाद में  जब लोग अपने घरो से बाहर  निकले  तो बादल गरजने  लगे  और तेज बारिश  भी  हुयी               

गुजरात के साथ-साथ जम्मू, तुर्की और पुर्तो रिको में भी भूकंप भूकंप का एपिसेंटर कटरा से 90 किलोमीटर दूर था और तीव्रता 3 थी। वहीं, राजकोट में भूकंप आने से करीब 19 मिनट पहले तुर्की में 5.9 और पुर्तो रिको में 2.5 तीव्रता का भूकंप आया।

6 जून को उत्तर गुजरात में भूकंप आया था

इससे पहले 6 जून को बनासकांठा जिले समेत उत्तर गुजरात के कई इलाकों में 10 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.8 थी।

इससे  पहले  गुजरात में 19 साल पहले भूकंप ने तबाही मचाई थी 

गुजरात में 26 जनवरी 2001 को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। भुज और कच्छ में इस दौरान भारी तबाही हुई थी। 10 हजार लोग इस भूकंप के कारण मारे गए थे। 2 हजार शव तो 26 जनवरी को ही निकाले गए थे। इनमें भुज के एक स्कूल के 400 बच्चे भी शामिल थे। अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा था। इसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आई थी।


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