Saturday, June 27, 2020

हरियाणा-दिल्ली में टिड्डी दल का हमला : गुड़गांव, रेवाड़ी, रोहतक सहित कई जिले चपेट में

हरियाणा के रेवाड़ी में पड़ोसी जिला महेंद्रगढ़ की ओर से टिड्डी दल प्रवेश कर गया। करीब पांच गांवों में फसलों को प्रभावित करने के बाद हवा के रुख के साथ टिड्डी दल राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गया। गनीमत रही कि हवा की दिशा के अनुसार चलने वाले इस दल ने केवल तीन-चार गांवों को ही अपनी चपेट में लिया। जैसे ही दल का हमला हुआ तो किसान अपनी फसलों को बचाने खेतों की ओर दौड़ पड़े। गांव नांगल जमालपुर, बोहका, ऊंचा सहित कुल पांच गांवों को अपनी चपेट में ले लिया।

टिड्डी दल का आतंक अब देश की राजधानी दिल्ली में शुरू होने वाला है। टिड्डी दल गुरुग्राम से होते हुए अब दिल्ली में भी प्रवेश कर गया है। बताया जा रहा है झज्जर से यह टिड्डी दल गुरुग्राम में आया ही जो अब दिल्ली का रुख कर चूका है यह जानकारी शनिवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक आपात बैठक के में दी। टिड्डी दल के हमले की आंशका के मद्देनजर दिल्‍ली सरकार ने आपात बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में विकास सचिव, डिविजनल कमिश्नर, कृषि निदेशक और जिला मजिस्ट्रेट भी इसमें मौजूद रहे।

एक टीम दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में हालात का जायजा लेने भेजी गई है। टिड्डियों से बचाव के लिए पहले की दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। किसानों को अलर्ट किया जा चुका है।



गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ हवाईअड्डे के पास के इलाकों में  टिड्डियों की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने सभी एयरलाइनों के पायलटों को  लैंडिंग के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने के लिए कहा गया।

केवल गुड़गांव में ही नहीं इससे पहले ये दल राजस्थान-हरियाणा के कई शहरों में तबाही मचा चुके हैं। जानकारी के अनुसार रोहतक के भी दनचौली, करौली, हसनपुर और रामबास, रघुनाथपुरा समेत दर्जनों गांवों में टिड्डी दल पहुंचा है। गांवों में लोगों ने अपने स्तर पर बचाव करने का प्रयास किया। लोगों ने बताया कि राजस्थान के टीब्बा की तरफ टिड्डी दल जा रहा था अचानक धूल भरी आंधी ने टिड्डी दल को रोक दिया।

हल्की बारिश आने से फसल पर बैठ गई। जैसे ही बरसात खत्म हुई है यह टिड्डी दल दोबारा धानौता, मारौली, हसनपुर व कुलताजपुर गांव में पहुंच गया। रामबास, हसनपुर, दनचली, थाना, कुलताजपुर व धानोता में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर घरों से बाहर निकल गए और खेतों में जाकर थालिया बजाने लगे और पंचायतों ने डीजे लगाएं। सबसे अधिक नुकसान रामबास,धानौता और गोद बहला गांव में नुकसान हुआ है।

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