Monday, June 15, 2020

Corona Virus ने भारत में बनायी अपनी मजबूत पकड़ : नवम्बर तक कम पड़ सकते है वेंटिलेटर्स और बेड्स

जैसा कि हम जानते है कि हमारे देश में Corona Virus जैसी महामारी फैली हुई जिससे काफी लोगों को अपनी जान से हाथ धोने पड़े और काफी हद्द तक लोग ठीक भी हुए है। हमारी सरकार ने ह्मारे स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन भी किया मगर अपने रोज मर्रा के कामो के लिए लोगों को घर से बाहर निकलना पड़ता है। देशव्यापी लॉकडाउन ने देश में संक्रमण की गति को धीमा करने में मदद की इस महामारी को चरम तक पहुंचने में 34 से 76 दिन ज्यादा समय लगता दिख रहा है। लॉकडाउन से संक्रमितों की संख्या 69 से 97 फीसद तक कम रखने में मदद मिली।



अध्ययन में बताया गया कि आइसोलेशन बेड, आइसीयू बेड और वेंटीलेटर की कमी पड़ सकती है विदेश मंत्री ने 'प्रोटेक्टर्स ऑफ इमीग्रेंट्स' को किया संबोधित, बोले- भारत में टैलेंट की कमी नहीं लॉकडाउन के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय 60 फीसदी तक बढ़ाए जाने की वजह से नवंबर के पहले सप्ताह तक मांग को पूरा किया जा सकता है। इसके बाद 5.4 महीनों तक आइसोलेशन बेड, 4.6 महीनों तक आईसीयू बेड्स और 3.9 महीनों तक वेंटिलेटर्स में कमी आ सकती है कोविड-19 से होने वाली मौतों के मामले में करीब 60 फीसदी मौतें टाली गई हैं और एक तिहाई मौतों को टाले जाने का श्रेय स्वास्थ्य सुविधा उपायों में वृद्धि को जाता है।



महामारी के असर को कम करेंगे ये कदम  कोविड-19 का टीका विकसित होने तक भारत में महामारी का प्रभाव घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।'स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ कर रविवार को 3,20,000 हो गए, जबकि अब तक 9,195 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में लगातार तीसरे दिन 10,000 से अधिक नए मामले सामने आए और यह कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित चौथा देश हो गया है।कोरोना वायरस महामारी का पीक भारत में नवंबर महीने में आएगा महामारी का चरम स्तर अधिक होने के कारण भारत में आईसीयू बेड्स और वेंटिलेटर्स की कमी हो सकती है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts

Newsletter