Tuesday, June 30, 2020

देश पहले, पैसा बाद में, IPL में भी चीनी कंपनियों से तोड़ो नाता : नेस वाडिया

जैसा की हम सब जानते हैं की भारत और चीन के बीच 15 जून को झड़प हुई थी उसके बाद से भारत ने चीन की चीजों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। सोमवार को भारत सरकार ने चीन के 59 ऐप्स (Chinese App) को बैन कर दिया अब मंगलवार को किंग्स इलेवन पंजाब की टीम के मालिक नेस वाडिया ने भी चीनी कंपनियों के प्रायोजन को खत्म करने की मांग कर डाली है किंग्स इलेवन पंजाब के सह मालिक नेस वाडिया ने इस महीने की शुरुआत में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण मंगलवार को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चीन की कंपनियों के प्रायोजन को धीरे-धीरे खत्म करने की मांग की।

चीन ने हालांकि अब तक अपने सैनिकों के मारे जाने की जानकारी साझा करने से इनकार किया है। वाडिया ने मंगलवार को पीटीआई से कहा, ‘‘हमें देश की खातिर आईपीएल (IPL) में चीन के प्रायोजकों से नाता तोड़ना चाहिए. देश पहले है, पैसा बाद में आता है. और यह इंडियन प्रीमियर लीग है, चीन प्रीमियर लीग नहीं  इसे उदाहरण पेश करना चाहिए और रास्ता दिखाना चाहिए.'

नेस वाडिया ने कहा, 'हां, शुरुआत में प्रायोजक ढूंढना मुश्किल होगा लेकिन मुझे लगता है कि पर्याप्त भारतीय प्रायोजक मौजूद हैं जो उनकी जगह ले सकते हैं. हमें देश और सरकार का सम्मान करना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण सैनिकों को जो हमारे लिए अपना जीवन जोखिम में डालते हैं।इसे उदाहरण पेश करना चाहिए और रास्ता दिखाना चाहिए.' नेस वाडियो ने कहा, 'हां, शुरुआत में प्रायोजक ढूंढना मुश्किल होगा लेकिन मुझे लगता है कि पर्याप्त भारतीय प्रायोजक मौजूद हैं जो उनकी जगह ले सकते हैं. हमें देश और सरकार का सम्मान करना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण सैनिकों को जो हमारे लिए अपना जीवन जोखिम में डालते हैं।

इसे उदाहरण पेश करना चाहिए और रास्ता दिखाना चाहिए.' गलवान में जब भारतीय हिस्से की तरफ से चौकी बनाए जाने का जब भारतीय सैनिकों ने विरोध किया तो चीन के सैंनिको ने पत्थर, कील लगे डंडो और लोहे की सलाखों से उन पर हमला शुरू कर दिया ।1967 में नाथुला में दोनों देशों के बीच हुई झड़प में सबसे बड़ी झड़प थी। उस समय भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे और चीन के लगभग 300 सैनिक मारे गए थे ।

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