Thursday, July 16, 2020

पुलिस की नाक के नीचे से ले गए फिरौती के 30 लाख - अगवा किया शख्स भी नहीं छोड़ा

कानपूर जिले में संदीप यादव को अगवा किया गया उसकी बहन ने अपने बयान में साफ -साफ कहा की पुलिस की मौजूदगी में 30 लाख रुपए फिरौती के देने के बाद भी अपहृत युवक को पुलिस छुड़ा नहीं सकी और पुलिस ने आला अफसरों को बचाने के लिये उससे बयान बदलवाया गया है। सोमवार देर रात को बदमाशों ने जहाँ जगह  बताई थी वहाँ पर रुपयों भरा बैग फेंका गया, अपहरणकर्ता बैग लेकर निकल गए पर मेरे भाई को नहीं छोड़ा। घरवालों का आरोप है कि अपहरणकर्ता को पुलिस की निगरानी में पैसे दिए गए। पीड़ित परिवार ने एसएसपी कार्यालय पर मंगलवार को हंगामा किया।

वहीं रात को एसएसपी ने बर्रा थाने का जायजा लेकर पीड़ित के परिजनों से बातचीत की। कानपुर के बर्रा-5 निवासी लैब टेक्नीशियन का 22 जून को अपहरण हो गया था। उनके परिवार वालों से फोन पर बदमाशों ने तीस लाख की फिरौती मांगी। इस बात की रिपोर्ट परिजन एसपी साउथ व बर्रा इंस्पेक्टर को रिकॉर्डिंग के साथ दे रहे थे। संदीप की बहन रूचि का कहना है की हमने पुलिस के कहने पर सोमवार देर रात अपहरणकर्ताओं के बताए पते पर गुजैनी हाईवे से झांसी रेलवे लाइन के पास पुल से 30 लाख रुपए से भरा बैग नीचे फेंका। पुलिस 100 मीटर दूरी से अपहरणकर्ताओं पर नजर बनाए हुए थीं लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर रुपयों भरा बैग लेकर भागने में सफल रहे।

बेटे के न मिलने पर परिजनों ने बर्रा पुलिस पर अपहरणकर्ताओं से मिले होने का आरोप लगाया है। दुखी बहन का कहना है कि अब मेरा पैसा भी चला गया भाई भी नहीं मिला। एसपी अपर्णा से जब हमने कहा कि बैग में चिप लगवा दो तो वह हमसे गुस्सा करके कहने लगीं की जाइये इतनी छोटी-छोटी बात के लिए हमारे पास न आया करें।

परिजनों का आरोप है कि अपहरणकर्ता के 29 जून से लगातार फोन कर रहे थे। उन्होंने पुलिस को न केवल जानकारी दी बल्कि हर कॉल की रिकॉर्डिंग तक मुहैया कराई। इतना सब कुछ होने के बावजूद पुलिस उन बदमाशों को ट्रेस नहीं कर पाई।

फिरौती की रकम अपहरणकर्ताओं को पुलिस के सामने देने की बात सरासर गलत है। ऐसा संभव नहीं है कि पुलिस के सामने अपहरणकर्ता निकल जाएं। परिजन मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्हें विश्वास में लिया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि युवक को जल्द से जल्द बरामद किया जाए। - अपर्णा गुप्ता, एसपी साउथ

कानपुर में अपहरण की घटना के बाद बेबस व मजबूर परिजनों द्वारा सूचित करने के बावजूद पुलिस के सामने से फिरौती की रकम ले जाने वालों के ऊपर आख़िर किसका हाथ है कि उन्हें पुलिस का भी डर नहीं है। लगता है उप्र की भाजपा सरकार की नैतिकता का ही अपहरण हो गया है। - अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री

No comments:

Post a Comment

Popular Posts

Newsletter