Sunday, July 5, 2020

रेप के आरोपी से 35 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में महिला SI गिरफ्तार

हम सब मानते हैं की हमारी पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहती है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है अगर कोई अपराध करता है तो पुलिस उस अपराधी को पकड़कर उसे सलाखों के पीछे डालकर उसे सजा दिलवाने का काम करता है । न की उसकी गलती को छिपाकर उससे घुस लेकर उसके साथ अपराधी बनती है । लेकिन कोई -कोई अधिकारी ऐसा गलत काम करके सारी पुलिस फोर्स को बदनाम कर देता है। ऐसी ही एक घटना अहमदाबाद में रेप के आरोपी से 35 लाख रुपये की रिश्वत लेने के जुर्म में एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने की। महिला सब-इंस्पेक्टर को अरेस्ट किया गया है।

महिला सब-इंस्पेक्टर को अरेस्ट करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया,आरोपी महिला सब-इंस्पेक्टर श्वेता जड़ेजा अहमदाबाद की महिला पुलिस स्टेशन की प्रभारी थी। श्वेता जड़ेजा पर रेप के आरोपी से 35 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज किया गया।

FIR के अनुसार, अहमदाबाद की एक प्राइवेट कंपनी की दो महिला कर्मचारियों ने कंपनी के प्रबंध निदेशक केनल शाह के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले में कंपनी के सुरक्षा अधिकारी ने भी अहमदाबाद के सैटेलाइट थाने में शिकायत दी थी। इस मामले की जांच के दौरान महिला पुलिस थाने की प्रभारी श्वेता जड़ेजा ने आरोपी से 35 लाख रुपये रिश्वत की मांग यह कहते हु‌ए की कि यदि उसे पैसा नहीं दिया गया, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्वेता जड़ेजा ने केनल शाह के भाई भावेश को बुलाकर रिश्वत मांगी और 20 लाख रुपये में दोनों पक्ष सहमत हुए, रिश्वत की रकम बाद में आंगड़िया के माध्यम से जमजोधपुर में पुलिस सब-इंस्पक्टर श्वेता जड़ेजा के किसी पहचान वाले को भेजी गई। केनल शाह के खिलाफ एक और केस दर्ज हुआ, जिसके बाद पुलिस अधिकारी श्वेता जड़ेजा ने आरोपी के भाई से फिर 20 लाख रुपये की मांग की और 15 लाख रुपये में मामला फिक्स किया गया और यह राशी भी पुनः जमजोधपुर भेजी गई।

इसी दौरान आरोपी के भाई भावेश ने एक शिकायत पुलिस को दे दी थी, जिसकी जांच पीआई आरएस सुवेरा कर रहे थे, जिन्होंने सारे सबूत एकत्रित किए और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। क्राइम ब्रांच की टीम ने पूरे मामले की बारीकी से जांच कर श्वेता जड़ेजा के खिलाफ शिकायत दर्ज की। क्राइम ब्रांच के जॉइंट पुलिस कमिश्नर अजय तोमर का कहना है कि जब पूरे मामले की जांच की गई, तो उसमें कुछ सच्चाई सामने आई, जिसके बाद श्वेता जड़ेजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस पूरे मामले की जांच अब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के एसीपी बीसी सोलंकी को सौंपी गई है।

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