Saturday, July 11, 2020

गुड़गांव : विकास दुबे की तरह ही हुआ था संदीप गाडौली का एनकाउंटर - 3 पुलिस वाले अबतक काट रहे है जेल


कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने के आरोपी विकास दुबे समेत उसके कई साथी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। कई बड़े नेताओ और अफसरों समेत जनता भी पुलिस के इस काम की तारीफ़ कर रही है लेकिन एनकाउंटर कहने में यह शब्द जितना साहस भरा लगता है समय बीतते ही जब जांच की आंच आती है तो एनकाउंटर टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को इसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

गुड़गांव की क्राइम ब्रांच का इसका एक उदाहरण है। हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी जैसे 36 से अधिक संगीन मामले गैंगस्टर संदीप गाडौली पर दर्ज थे। करीब डेढ़ दशक तक उसने गुड़गांव में उसका खौफ था।  7 फरवरी 2016 को  सेक्टर-10 क्राइम ब्रांच की एक टीम संदीप गाडौली के पीछे मुंबई अंधेरी के होटल में पहुंची। संदीप गाडौली एक कमरे में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ था। उसे सरेंडर करने को कहा गया लेकिन नहीं माना तो पुलिस टीम ने एनकाउंटर में मार गिराया।

एनकाउंटर होते ही आला अधिकारियों ने टीम की पीठ थपथपाई तो टीम का भी सीना चौड़ा हो गया। लेकिन गैंगस्टर के परिवार ने टीम पर हत्या के आरोप लगाए और मुंबई पुलिस की जांच भी एकाएक बदल गई। गुड़गांव क्राइम ब्रांच की ओर से मुंबई में पुलिस टीम पर हमले के चलते दर्ज कराई गई हत्या के प्रयास की एफआईआर क्राइम ब्रांच के खिलाफ हत्या की धारा में बदल गई।

मामले की जांच शुरू हुई और मुंबई पुलिस गुड़गांव क्राइम ब्रांच के कुछ पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए गुड़गांव पहुंच गई। टीम में शामिल रहे सिर्फ 5 पुलिसकर्मियों की ही मुंबई पुलिस को तलाश थी। 6 जुलाई 2016 को एनकाउंटर करने वाले एसआई प्रद्युम्न यादव को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट कर लिया, जिसके बाद विक्रम, दीपक, जितेंद्र व परमजीत भी अरेस्ट हुए। मुंबई हाईकोर्ट से 2 पुलिसकर्मियों दीपक व जितेंद्र को जमानत मिलने के बाद वे अपनी हरियाणा पुलिस की ड्यूटी जाइन कर चुके हैं। जबकि अन्य तीन पुलिसकर्मियों को अभी जमानत का इंतजार है। संदीप गाडौली की गर्लफ्रेंड जो उसके साथ कमरे में थी अब वो भी पुलिस के साथ साजिश के तहत हत्या में शामिल होने के आरोप में जेल में है।

एनकाउंटर करने वाले एक पुलिसकर्मी के घर इस मामले के दौरान ही बच्चे ने जन्म लिया। वो 4 साल में सिर्फ एक बार अपने बच्चे को हाथों में लेकर देख पाया है।  गुड़गांव से साल में 1-2 बार कोई परिजन मिलने आता है तो वो सिर्फ अपने बच्चे की लेटेस्ट फोटो मंगवाता है। ताकि बच्चे को फोटो में देख सके कि वो कितना बड़ा हो गया है और अब कैसा लगता है।

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