Saturday, September 5, 2020

कोरोना : ठीक होने के 20 दिन बाद ही मरीज को दोबारा हो गया कोरोना - डॉक्टर भी हैरान!

 


कोरोना से सारे देश में हड़कंप है ऐसे में एक और बुरी खबर आ रही है जिसने सबको और परेशान कर दिया है। अगर आप एक बार कोरोना से संक्रमित हो चुके है तो आप दोबारा भी इसका शिकार हो सकते है। ऐसी ही घटना यूपी की राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण से ठीक होने के महज 20 दिन बाद ही एक मरीज दोबारा संक्रमित हो गया है। मरीज हजरतगंज थाने में कॉन्स्टेबल की पोस्ट पर तैनात है। गुरुवार को ही उसे लोकबंधु अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इतनी जल्दी दोबारा संक्रमित होने पर डॉक्टर भी हैरान है। केजीएमयू के डॉ. डी हिमांशु का कहना है कि यूपी में ऐसा पहला केस है।

कॉन्स्टेबल ने बताया कि पहली बार उसे एक अगस्त को कोरोना का संक्रमण हुआ था। तब उसे लोकबंधु अस्पताल में उसे भर्ती करवाया गया। 11 अगस्त को उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। तब उसमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिखे थे। 20 दिन बाद उसे बुखार आना शुरू हो गया। जांच करवाई तो 3 सितंबर को रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।

लोकबंधु अस्पताल के डॉ रूपेंद्र कुमार ने बताया कि मरीज को हाईग्रेड बुखार आ रहा है। टाइफाइड टेस्ट नेगेटिव आया है। साफ है बुखार, कोरोना संक्रमण के कारण ही है। दरअसल जो लोग कोरोना से ठीक हो जाते हैं, उनके शरीर में एंटीबॉडी बनती हैं, जो उन्हें दोबारा संक्रमण से बचाती है। लेकिन यह देखने में आया है कि 5 फीसदी मरीजों में एंटीबॉडी नहीं बन रही हैं। ऐसे ही मरीजों को दोबारा संक्रमण हो सकता है। डॉ. विमल ने बताया कि अभी तो बुखार का इलाज कर रहे हैं। मरीज के सामान्य होने पर एंटीबॉडी टेस्ट करवाएंगे ताकि वजह साफ हो।

पीजीआई के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के डॉ अनुपम वर्मा ने बताया कि अगर मरीज को लक्षण है, तब तो दोबारा संक्रमण का कारण एंटीबॉडी न बनना ही हो सकता है। लेकिन कई बार आरटी पीसीआर टेस्ट में इनऐक्टिव वायरस भी काउंट हो जाते हैं। इनऐक्टिव वायरस से संक्रमण नहीं फैलता, लेकिन जांच में मरीज पॉजिटिव आ जाता है। ऐसे मरीजों में लक्षण नहीं होते, इन मरीजों का एंटीजन और एंटीबॉडी टेस्ट करवाना चाहिए।

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